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रविवार, 2 मई 2021

सुना तुमने

 

मुझे भी कुछ कहना है
  सुना तुमने.... 
सुनना पड़ेगा 
न चाहो तब भी 
काम तो मुझसे सब चाहिए तुम्हें
   पर मेरा अधिकार कब दोगे 
सुना तुमने... 
पूराा घर तुम्हारा चलो ठीक है। 
मेरा एक कमरा तो होना चाहिए 
सुनाा तुमनेेेेेेे ...
 मैंने कभी कुछ नहीं कहा
  इसका बेजा फायदा उठााया तुमने।
 सुना तुमने..... 
अब बोला तो चरित्र हनन किया तुमने।
   सुना तुमने.. 
कुछ शुरू किया है 
तोो रुकेंगे नहीं।
  चाहे तो दिल से निकाल दो मुझे 
तुम्हारीी फिक्र नहीं 
यहीी बात तुम्हें मार देगी
   क्योंकि मुफ्त सेवा की आदत है तुम्हें।
  सुना तुमने....।

अनु की कलम से...

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