शुक्रवार, 13 मार्च 2020

रहस्यवाद क्या है???

विभिन्न आलोचकों ने रहस्यवाद की परिभाषा अलग-अलग तरह से दी है। जैसे आचार्य रामचंद्र शुक्ल के हअनुसार---" जो चिंतन के क्षेत्र में अद्वैतवाद है वही भावना के क्षेत्र में रहस्यवाद है ।"
 गंगा प्रसाद पांडे----" रहस्यवाद हृदय की वह दिव्य अनुभूति है जिसके भवावेश में प्राणी  अपने असीम और पार्थिव अस्तित्व से उस असीम एवं स्वर्गिक  महाअस्तित्व के साथ एकात्मकता का अनुभव करने लगता है।"
 डॉ रामकुमार वर्मा रहस्यवाद जीवात्मा की दिव्य और अलौकिक शक्ति से अपना संत और निश्चल संबंध जोड़ना चाहता है और यह संबंध यहां तक बढ़ जाता है कि दोनों में अंतर नहीं रह जाता

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